धन-संपत्ति (संज्ञा)
धन-दौलत और जायदाद आदि जो किसी के अधिकार में हो और जो ख़रीदी और बेची जा सकती हो।
निशाचर (संज्ञा)
धर्म-ग्रंथों में मान्य वे दुष्ट आत्माएँ जो धर्म विरोधी कार्य करती हैं तथा देवताओं, ऋषियों आदि की शत्रु हैं।
अमरूद (संज्ञा)
छोटे बीजों वाला एक हरे या पीले रंग का उष्णकटिबंधीय फल जो खाया जाता है तथा जिससे जेली बनाते हैं।
जलसा (संज्ञा)
आनंद या उत्साह का समारोह जिसमें ख़ाना -पीना या गाना-बजाना आदि हो।
दयालु (विशेषण)
जिसमें दया हो। जो नृशंस न हो।
सरकंडा (संज्ञा)
सरपत की जाति का एक पौधा।
उल्टी (संज्ञा)
पेट में की वस्तुओं का स्वतः मुँह से बाहर आने की क्रिया।
नरकट (संज्ञा)
बेंत की तरह का एक प्रसिद्ध पौधा जिसकी डंठलों से कलमें, चटाइयाँ आदि बनती हैं।
सपेरा (संज्ञा)
साँप पालने तथा उसे नचाने वाला व्यक्ति।
मोर (संज्ञा)
एक अत्यंत सुंदर बड़ा पक्षी जिसकी पंखनुमा पूँछ लम्बी होती है।